भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार वजह सिर्फ उनकी फिल्मों या गानों की नहीं, बल्कि अनधिकृत निर्माण, राजनीतिक बयानबाज़ी, और फिल्मी जगत में उठे विवादों की है। पिछले कुछ हफ्तों में खेसारी का नाम लगातार मीडिया की हेडलाइनों में बना हुआ है, और हर बार कोई नया मोड़ सामने आ रहा है।
मीरा रोड बंगले पर अनधिकृत निर्माण का नोटिस
मुंबई की Mira Bhayander Municipal Corporation (MBMC) ने खेसारी लाल यादव को उनके मीरा रोड स्थित बंगले में किए गए “लोहे के एंगल और टिन-शेड” के लिए नोटिस जारी किया है।
निगम ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इन संरचनाओं को समय पर नहीं हटाया गया, तो अतिक्रमण विभाग बुलडोज़र कार्रवाई कर सकता है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए खेसारी ने कहा –
मैंने यह घर अपने खून-पसीने की कमाई से बनाया है, किसी की जमीन पर कब्जा नहीं किया। पहले आकर सच्चाई देख लीजिए।
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जहाँ फैंस उनके समर्थन में उतर आए हैं और कह रहे हैं कि “मेहनत से कमाया घर किसी का हक नहीं छीन सकता।
राजनीतिक मैदान में खेसारी की नई पारी
भोजपुरी सिनेमा में सफलता के बाद अब खेसारी राजनीति के अखाड़े में भी उतर चुके हैं।
वो इस बार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर छपरा विधानसभा सीट से प्रत्याशी बने हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान उनका एक बयान चर्चा में रहा –
“राम मंदिर बनना जरूरी है, लेकिन बेहतर विश्वविद्यालय और रोजगार भी उतने ही जरूरी हैं।”
यह बयान लोगों के बीच गहराई से जुड़ गया क्योंकि खेसारी ने एक आम नागरिक की सोच को सामने रखा।
हालांकि, इसी दौरान उनका एक पुराना वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वे प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते नजर आए, लेकिन फिर उन्होंने सवाल उठाया –
“अगर बिहार इतना बड़ा राज्य है, तो वहाँ गुजरात जैसी फैक्ट्री क्यों नहीं हैं?”
इस बयान से उन्होंने सीधे तौर पर विकास और रोजगार के मुद्दों पर ध्यान खींचा।
विवादों में फंसे खेसारी लाल यादव
राजनीति में एंट्री के साथ ही खेसारी के लिए विवादों का दौर भी शुरू हो गया है।
भोजपुरी फिल्मों के एक्टर दिनेेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने उन पर कटाक्ष करते हुए कहा –
“वो यादव नहीं, यादुमुल्लाह हैं।”
यह बयान राम मंदिर मुद्दे पर दिया गया था, जिसने सोशल मीडिया पर नया विवाद खड़ा कर दिया।
इसके जवाब में खेसारी ने कहा कि उनके खिलाफ झूठी बातें फैलाई जा रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पवन सिंह ने एक बार उनकी पत्नी के बारे में अनुचित टिप्पणी की थी, जो उन्हें आज तक बुरी लगी।
खेसारी ने कहा –
“मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी की फैमिली पर बात करना ठीक नहीं।”
यह बयान उनकी भावनात्मक और संवेदनशील छवि को सामने लाता है।
स्टारडम के साथ चुनौतियाँ भी बढ़ती हैं
खेसारी लाल यादव की कहानी सिर्फ एक फिल्म स्टार की नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान की है जिसने संघर्ष से सफलता हासिल की और अब सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की कोशिश में है।
जहाँ एक ओर उन्हें राजनीति में नई पहचान मिल रही है, वहीं दूसरी ओर विवाद और चुनौतियाँ भी उनके साथ चल रही हैं।
लेकिन अगर खेसारी अपने उसी संघर्षशील अंदाज़ और ईमानदार सोच पर टिके रहे, तो वो राजनीति में भी एक “स्टार लीडर” बन सकते हैं।
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