Dhirubhai Ambani International School fees: आखिर कितनी है अंबानी के स्कूल की फीस? किसके बच्चे पढ़ते है इस स्कूल में
Dhirubhai Ambani International School Fees: भारत के सबसे प्रतिष्ठित और चर्चित प्राइवेट स्कूलों में से एक है। यह स्कूल मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में स्थित है और अपनी हाई-क्वालिटी इंटरनेशनल एजुकेशन के लिए जाना जाता है। इस स्कूल की स्थापना वर्ष 2003 में की गई थी और इसे Nita Ambani ने शुरू किया था। स्कूल का नाम भारत के महान उद्योगपति Dhirubhai Ambani के सम्मान में रखा गया है।
धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल एक ऐसा शैक्षणिक संस्थान है जहाँ बच्चों को सिर्फ किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें ग्लोबल लेवल की सोच, लीडरशिप स्किल और प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाती है। इस स्कूल का उद्देश्य बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करना है ताकि वे भारत ही नहीं बल्कि विदेशों की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में भी आसानी से पढ़ाई कर सकें।
स्कूल का नाम धीरूभाई अंबानी क्यों रखा गया?
धीरूभाई अंबानी खुद एक साधारण पृष्ठभूमि से आए थे और उन्होंने सरकारी स्कूल में पढ़ाई की थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी सोच, मेहनत और विज़न के दम पर Reliance जैसा विशाल बिज़नेस खड़ा किया। उन्हीं के संघर्ष, सोच और सपनों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इस स्कूल का नाम उनके नाम पर रखा गया, ताकि आने वाली पीढ़ी भी बड़े सपने देखना और उन्हें पूरा करना सीखे।
DAIS कौन-कौन से बोर्ड उपलब्ध हैं?
DAIS उन चुनिंदा स्कूलों में से है जहाँ एक से ज्यादा इंटरनेशनल बोर्ड की सुविधा मिलती है। यहाँ ICSE, IGCSE और IB जैसे बोर्ड पढ़ाए जाते हैं, जिससे स्टूडेंट्स को भारत और विदेश दोनों जगह पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलते हैं। यही कारण है कि इस स्कूल के छात्र अक्सर दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में सेलेक्ट होते हैं।
अंबानी के स्कूल की फीस कितनी है?
धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल को भारत के सबसे महंगे स्कूलों में गिना जाता है ₹5 लाख से ₹10 लाख क्लास और बोर्ड के अनुसार फीस अलग-अलग होती है
यहाँ की सालाना फीस कक्षा और बोर्ड के अनुसार अलग-अलग होती है, लेकिन सामान्य तौर पर यह कई लाख रुपये प्रति वर्ष तक जाती है। फीस के साथ-साथ एडमिशन चार्ज और अन्य एक्टिविटी चार्ज भी लिए जाते हैं, इसलिए यह स्कूल हर किसी के लिए अफोर्डेबल नहीं है
अंबानी और नीता अंबानी के स्कूल में एडमिशन कैसे और किसको मिलता है?

इस स्कूल में एडमिशन पाना आसान नहीं माना जाता। यहाँ लिमिटेड सीटें होती हैं और सिलेक्शन प्रोसेस काफी स्ट्रॉन्ग होता है। बच्चे के साथ-साथ पैरेंट्स का इंटरैक्शन, स्टूडेंट की प्रोफाइल और उसकी क्षमता को भी ध्यान में रखा जाता है। सिर्फ पैसे के आधार पर एडमिशन नहीं दिया जाता, बल्कि बच्चे की ओवरऑल डेवलपमेंट को देखा जाता है।
नीता अंबानी के स्कूल में किसके बच्चे पढ़ सकते हैं?
इस स्कूल में ज्यादातर बड़े बिज़नेसमैन, फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग, सेलेब्रिटीज़ और हाई-प्रोफाइल प्रोफेशनल्स के बच्चे पढ़ते हैं। यही वजह है कि DAIS हमेशा मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा में रहता है और इसे एक स्टेटस स्कूल माना जाता है।
अंबानी के स्कूल की खासियत क्या है?
DAIS की सबसे बड़ी खासियत इसका इंटरनेशनल लेवल का इंफ्रास्ट्रक्चर और पढ़ाने का तरीका है। यहाँ बच्चों को टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स, आर्ट, म्यूज़िक और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर बराबर फोकस दिया जाता है। स्कूल का माहौल ऐसा है जो बच्चों को आत्मविश्वासी और फ्यूचर-रेडी बनाता है।
धीरूभाई अंबानी से मिलने वाली सीख
धीरूभाई अंबानी खुद साधारण स्कूल में पढ़े थे, लेकिन उनके नाम पर बना यह स्कूल आज अमीरों और प्रभावशाली लोगों का सपना बन चुका है। इससे यह सीख मिलती है कि स्कूल या डिग्री से ज्यादा जरूरी इंसान की सोच और विज़न होता है। अगर सोच बड़ी हो, तो साधारण शुरुआत भी असाधारण सफलता में बदल सकती है।
